परिचय
निपुण लक्षय एक प्रमुख पहल है, जिसे राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी 2020) के तहत शिक्षा मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा प्रारंभ किया गया है। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि प्रत्येक बच्चा कक्षा 3 तक आधारभूत साक्षरता और संख्यात्मकता (एफएलएन) प्राप्त कर ले।
निपुण लक्षय के उद्देश्य
- आधारभूत साक्षरता: प्रत्येक बच्चे को कक्षा 3 तक समझ के साथ पढ़ने में सक्षम बनाना।
- आधारभूत संख्यात्मकता: बच्चों को बुनियादी गणितीय गणनाएँ आसानी से करने में सक्षम बनाना।
- गतिविधि-आधारित शिक्षण: इंटरैक्टिव और रोचक शिक्षण पद्धतियों को लागू करना।
- क्षमता निर्माण: आधारभूत साक्षरता और संख्यात्मकता शिक्षण के लिए शिक्षकों के कौशल में सुधार करना।
- निरंतर मूल्यांकन: छात्रों की प्रगति पर नियमित निगरानी रखना।
केवी मथुरा छावनी में कार्यान्वयन
केन्द्रीय विद्यालय संगठन (केवीएस) और शिक्षा मंत्रालय के निर्देशानुसार, निपुण लक्षय को केन्द्रीय विद्यालय मथुरा छावनी में प्रभावी रूप से लागू किया गया है।
मुख्य विशेषताएँ:
- साक्षरता और संख्यात्मकता पर केंद्रित संरचित शिक्षण योजनाएँ।
- डिजिटल टूल्स के उपयोग से इंटरैक्टिव कक्षाएँ।
- कार्यशालाओं के माध्यम से शिक्षकों का प्रशिक्षण।
- निरंतर मूल्यांकन द्वारा छात्रों की प्रगति पर ध्यान।
- बेहतर सीखने के परिणामों के लिए अभिभावकों की भागीदारी।
छात्रों पर प्रभाव
निपुण लक्षय के कार्यान्वयन से, छात्रों में पढ़ने, समझने और गणितीय कौशल में सुधार हो रहा है, जिससे वे अधिक प्रभावी रूप से सीख रहे हैं।